रामनाथ शिवेन्द्र केआदिवासी केन्द्रित प्रमुख उपन्यास
रामनाथ शिवेन्द्र के आदिवासी केन्द्रित प्रमुख उपन्यास -1- सीमांत की संघर्ष - गाथा ‘ हरियल की लकड़ी ’ अरविन्द चतुर्वेद दुनिया के जिस ‘ सबसे बड़े लोकतंत्रा ’ में हम रहते हैं , आज़ादी के अठ्ठावन साल बाद आज भी सीमांत पर कई ऐसी जिन्दगियां हैं जिन्हें आज़ादी की रोशनी मयस्सर नहीं , उलटे तंत्रा के शिकंजे में वे छटपटा रही हैं। विकास की संजीवनी तो खैर उन्हें क्या मिले , विडंबना ही है कि विकास की मार ने उनका जीना दूभर कर रखा है। ये सीमांत के दूर - दराज के जंगली गॉव भी हो सकते हैं और शहरों की झुग्गी - झ...